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रविवार, 4 जुलाई 2010

काहे भूल गए सांवरिया........

प्रियतम 
प्राण प्यारे 
नैना जोहते
बाट तिहारी 
तुझ बिन तडपत
रैन हमारी 
पी -पी पुकारत
सांझ सकारे 
तुझको खोजत
नैन हमारे 
आस की आस 
भी छूटन लागी 
प्रीत की प्यास 
भी टूटन लागी 
तुझ बिन प्यारे
बरसत हैं 
सावन भादों हमारे
कोऊ ना सन्देश 
पाऊं तिहारा
पाती भी 
सूनी आ जाती
बिन संदेस के 
संदेस दे जाती
भूल गए 
प्राणाधार हमारे
प्रेम के वो 
हिंडोले भूले
कर आलिंगन के
रस्ते भूले
तिरछी कमान के
तीर भी टूटे
अधरों के अवलंबन 
भी छूटे 
रूठ गए 
सांवरिया मोसे 
भूल गए वो
प्रेम बिछोने
खोजत- खोजत
मैं तो हारी
नैना भी
पथरा गए हैं
प्रीतम ,आने की
राह तकत हैं 
क्यूँ भूल गए सांवरिया  
सूनी पड़ी प्रीत अटरिया
काहे भूल गए सांवरिया........

15 टिप्‍पणियां:

दीपक 'मशाल' ने कहा…

लाजवाब तरीके से विरह गीत लिखा आपने.. पर आकार कविता का क्यों??

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

विरह वेदना को खूब उतारा है शब्दों में...सुन्दर रचना ..

Dr.Ajeet ने कहा…

एक सक्रिय ब्लागर होने पर भी बहुत दिनो से शेष फिर और खानाबदोश पर आपका आना नही हुआ।
ब्लागिंग के टिप्पणी आदान-प्रदान के शिष्टाचार के मामले मे मै थोडा जाहिल किस्म का इंसान हूं लेकिन आपमे तो बडप्पन है ना...!

डा.अजीत
www.monkvibes.blogspot.com
www.shesh-fir.blogspot.com

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

भक्तिरस में सराबोर रचना पढ़कर तो हम भी भक्तिमय हो गये!
--
सुन्दर रचना!

M VERMA ने कहा…

आपकी रचनाओं में गहन भाव समग्र रूप से दर्शनीय होता है
बहुत सुन्दर

निर्मला कपिला ने कहा…

सूनी पडी प्रीत अटरिया--- विरह की अथाह वेदना है इस रचना मे । रचना बहुत अच्छी लगी।शुभकामनायें

kshama ने कहा…

Bada nazagat bhara geet hai...aur anootha bhi!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

मंगलवार 06 जुलाई को आपकी रचना ... चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर ली गयी है आभार

http://charchamanch.blogspot.com/

Dr.Ajmal Khan ने कहा…

बहुत सुंदर रचना.....

नीरज गोस्वामी ने कहा…

शब्द शब्द से पीड़ा झर रही है...अनुपम रचना...वाह...
नीरज

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

virah ki vyatha ko shabdon mein dhaala hai aapane!...uttam rachanaa!

sanu shukla ने कहा…

बहुत ही उम्दा रचना .....!!

ana ने कहा…

lajawaab abhvyakti...........bahut sundar

Vivek Jain ने कहा…

bahut khoob,

vivj2000.blogspot.com

Divya ने कहा…

Bahut sundar rachna !